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मोबाइल कंपनी की तर्ज पर बदल सकेंगे राशन दुकान

प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के उपभोक्ता हितग्राही मोबाइल कंपनी की तर्ज पर राशन दुकान बदल सकेंगे। खंडवा के बाद सरकार इस मॉडल को सभी जिला मुख्यालय के नगरीय निकायों में लागू करने जा रही है। इसमें समग्र आईडी और आधार नंबर से हितग्राही का सत्यापन कर पात्रता के हिसाब से राशन दिया जाएगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर खाद्य, नागरिक आपूर्ति विभाग ने इस व्यवस्था को व्यापक रूप देने पर काम शुरू कर दिया है।

सूत्रों के मुताबिक शहर में मकान बदलने या राशन दुकान से दूरी होने पर उपभोक्ताओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली को फुलप्रूफ बनाने के लिए पीओएस (पॉइंट ऑफ सेल) मशीन से राशन वितरण की व्यवस्था बड़े शहरों में लागू कर चुकी है।

इसके माध्यम से उपभोक्ता और उसकी पात्रता का सत्यापन कहीं भी किया जा सकता है। ऐसे में किसी एक दुकान से राशन लेने का बंधन रखने का कोई औचित्य नहीं रह जाता है। खंडवा में पीडीएस के उपभोक्ताओं को यह सुविधा दी गई है कि वे किसी भी राशन दुकान से राशन ले सकते हैं। इसके अच्छे नतीजों को देखते हुए तय किया गया है कि जिला मुख्यालय के सभी निकायों में इस व्यवस्था को लागू किया जाएगा।

ऐसी रहेगी व्यवस्था
इसमें उपभोक्ता, जहां से वो राशन लेना चाहता है वहां समग्र आईडी और आधार नंबर के जरिए अपना सत्यापन कराकर बताएगा कि वो अब वहीं से राशन लेना चाहता है। इसके बाद उसके वहां से राशन मिलना शुरू हो जाएगा। अतिरिक्त संचालक एचएस परमार ने बताया कि पीओएस मशीन के इस्तेमाल की व्यवस्था शुरू होने के बाद दुकानदार को राशन का आवंटन उसके वितरण रिकार्ड के आधार पर किया जाता है। इससे जहां कम खपत होती है, वहां का कोटा कम कर दूसरी दुकानों का आवंटन बढ़ा दिया जाता है।

पोर्टेबिलिटी की सुविधा मिलती रहेगी
विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यदि उपभोक्ता कहीं और रहने चला जाता है और दुकान बदलना चाहता है तो भी उसे यह सुविधा मिलेगी। इससे उसका पूरा रिकार्ड दूसरी दुकान पर स्थानांतरित हो जाएगा। मुख्यमंत्री की भी मंशा यही है कि पात्र उपभोक्ताओं को उनके हक का राशन मिलना चाहिए, फिर वे चाहें कहीं से भी लेना चाहें। उन्होंने विभाग को यह भी निर्देश दिए हैं कि यदि पारदर्शी व्यवस्था के संचालन में कोई बाधा बनने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। जबलपुर में इस तरह की समस्या सामने आने की बात उठ चुकी है। इस पर कलेक्टर ने कार्रवाई भी की है।

पांच करोड़ से ज्यादा हैं हितग्राही
प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के पांच करोड़ से ज्यादा हितग्राही हैं। इन्हें एक रुपए में गेहूं और चावल मिलता है। आदिवासी बाहुल्य इलाकों में एक रुपए किलोग्राम की दर से आयोडिनयुक्त नमक भी दिया जाता है।

सीधे खाते में मिलेगी केरोसिन की सबसिडी
सरकार जल्द ही सार्वजनिक वितरण प्रणाली में डीबीटी (डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर) योजना को लागू करने जा रही है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति मंत्री ओमप्रकाश धुर्वे ने बताया कि खंडवा में केरोसिन से यह प्रयोग किया जाएगा। इसके परिणाम देखकर गेहूं और चावल को भी इसमें शामिल किया जाएगा। इसके बाद हितग्राही जहां से चाहे, वहां से बाजार मूल्य पर राशन लेगा। सरकार उसके खाते में सबसिडी की राशि सीधे जमा कर देगी।

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