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भड़के पाकिस्तान ने अमेरिका को बताया, ‘धोखा देने वाला दोस्त ‘

इस्लामाबाद/लाहौर

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की ओर से फटकार मिलने और सैन्य मदद रोके जाने से बौखलाए पाकिस्तान ने अब अमेरिका पर निशाना साधा है। पाक के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि अमेरिका हमेशा पाकिस्तान का ‘धोखाधड़ी करने वाला मित्र’ रहा है। वहीं, विपक्षी नेता इमरान खान ने कहा कि यह ऐसा समय है, जब पाकिस्तान को अमेरिका से अपने संबंधों को खत्म कर लेना चाहिए। यही नहीं उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को संवेदनशील इलाकों से अमेरिका की कूटनीतिक और खुफिया मौजूदगी को खत्म करना चाहिए। शुक्रवार की नमाज के बाद इस्लामाबाद में छोटे-छोटे समूहों में छात्र अमेरिकी झंडे जलाते दिखे।

नए साल के मौके पर डॉनल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान को फटकार लगाते हुए कहा था कि उसने बीते 15 साल में अमेरिका के साथ झूठ और छल किया है। ट्रंप ने कहा था कि पाकिस्तान ने अमेरिका के शासकों को मूर्ख बनाने का काम किया है, लेकिन अब यह जारी नहीं रहेगा। इस बयान के बाद अमेरिका ने पाकिस्तान को दी जाने वाली सैन्य मदद पर रोक लगा दी गई है। वॉशिंगटन की ओर से पाकिस्तान पर अफगान तालिबान और हक्कानी नेटवर्क के आतंकियों को मदद करने का आरोप लगाया है।

इस पर पाकिस्तान ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमेरिका ने आतंकवाद के खिलाफ जंग में उसके त्याग को नजरअंदाज किया है। आतंकवाद के खिलाफ जंग में उसे 10,000 से ज्यादा जानें गंवानी पड़ी हैं। गुरुवार देर रात को एक स्थानीय टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में आसिफ ने कहा, ‘अमेरिका का व्यवहार न तो सहयोगी जैसा रहा है और न ही दोस्त जैसा रहा है।’ आसिफ ने कहा कि वह एक ऐसा दोस्त है, जिसने हमेशा धोखा ही दिया है।

2011 में पाकिस्तान के एबटाबाद शहर में अमेरिका के सील कमांडो ने छापेमार कार्रवाई कर खूंखार आतंकी ओसामा बिन लादेन को मार गिराया था। अलकायदा सरगना को मार गिराने की इस कार्रवाई को पाकिस्तान के एक बड़े तबके ने अपनी संप्रभुता पर हमला करार दिया था।

‘चुनावी रणनीति में अमेरिका के खिलाफ दिए जा रहे बयान’
ख्वाजा आसिफ और इमरान खान जैसे नेता लगातार अमेरिका विरोधी बयानबाजी कर रहे हैं। इसकी वजह स्थानीय लोगों को संबोधित करना है क्योंकि 2018 के मध्य में देश में आम चुनाव होना है। पाकिस्तान के लेखक और विश्लेषक जाहिद हुसैन ने कहा, ‘यह चुनाव का दौर है और पाकिस्तान के इतिहास में यह पहला मौका है, जब इस तरह का अमेरिका विरोधी कैंपेन देखने को मिल और चुनावी मुद्दा बन गया है।’

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