सैड शायरी हिंदी में | Best Sad Shayari In Hindi

Sad Shayari in Hindi :- दोस्तों आज की पोस्ट में सैड शायरी हिंदी में को आपके लिए लेकर आये है, आपको Hindi Sad Shayari, न्यू सैड शायरी, sad shayari????, यह कलेक्शन बहुत पसंद आएगा, क्योकि पूरी दुनिया में कोई ऐसा ब्यक्ति नहीं होगा, जो कभी दुखी न हुआ हो, दुखी होने के बहुत से कारण को हो सकते है, Sad Shayari को पढ़िए और अपनी फीलिंग्स गर्लफ्रेंड/बॉयफ्रेंड शेयर करिए

Dec 28, 2023 - 12:31
Jan 5, 2024 - 19:54
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1. हम तुम्हें मुफ़्त में जो मिले हैं, क़दर ना करना हक़ है तुम्हारा

2. मेरी गलती बस यही थी के मैंने हर, किसी को खुद से ज़्यादा जरुरी समझा।

3. परवाह नहीं मेरी, तो नजर क्यों रखते हो, मैं किस हाल में जिंदा हूं, ये खबर क्यों रखते हो.

4. कमाल की मोहब्बत थी मुझसे उसको अचानक, ही शुरू हुई और बिना बताये ही ख़त्म हो गई।

5. जिसको आज मुझमे हजारो गलतिया नजर आती हैं, कभी उसी ने कहा था तुम जैसे भी हो मेरे हो।

6. मैं बैठूंगा जरूर महफ़िल में मगर पियूँगा नहीं, क्योंकि मेरा गम मिटा दे इतनी शराब की औकात नहीं।

7. मुमकिन नहीं की वो मुझे भुला देगा, वो हर पल हरदम मुझको दुआ देगा.

8. जैसे कोई बच्चा रोते-रोते थककर सो जाता है, हमारे दिल का हाल अक्सर कुछ ऐसा ही हो जाता है.

9. उल्फत में कभि यह हाल होता है, आंखे हस्ती है मगर दील रोता है, मानते है हम जिससे मंजिल अपनी, हमसफ़र उसका कोई और होता है..

10. उस मोड़ से शुरू करनी है फिर से जिंदगी, जहा सारा शहर अपना था और तुम अजनबी।

11. बेवफाई उसकी दिल से मिटा के आया हूँ, ख़त भी उसके पानी में बहा के आया हूँ, कोई पढ़ न ले उस बेवफा की यादों को, इसलिए पानी में भी आग लगा कर आया हूँ।

12. सोचा था तड़पायेंगे हम उन्हें, किसी और का नाम लेके जलायेगें उन्हें, फिर सोचा मैंने उन्हें तड़पाके दर्द मुझको ही होगा, तो फिर भला किस तरह सताए हम उन्हें।

13. जख़्म इतना गहरा हैं इज़हार क्या करें। हम ख़ुद निशां बन गये ओरो का क्या करें। मर गए हम मगर खुली रही आँखे हमरी। क्योंकि हमारी आँखों को उनका इंतेज़ार हैं।

14. ना जाने किस बात पे वो नाराज हैं हमसे, ख्वाबों मे भी मिलता हूँ तो बात नही करती।

15. ऐ मोहब्बत तू शर्म से डूब मर, तू एक शख्स को मेरा ना कर सकी.

16. महफिल लगी थी बद-दुआओं की, हमने भी दिल से कहा, उसे इश्क़ हो, उसे इश्क़ हो, उसे इश्क़ हो।

17. वो बात क्या करें जिसकी कोई खबर ना हो, वो दुआ क्या करें जिसका कोई असर ना हो, कैसे कह दे कि लग जाय हमारी उमर आपको, क्या पता अगले पल हमारी उमर ना हो।

18. अगर नींद आ जाये तो, सो भी लिया करो, रातों को जागने से, मोहब्बत लौटा नहीं करती।

19. कितना अजीब है लोगों का अंदाज़-ए-मोहब्बत, रोज़ एक नया ज़ख्म देकर कहते हैं, अपना ख्याल रखना।

20. कुछ हार गई तकदीर कुछ टूट गये सपने, कुछ गैरों ने किया बरबाद कुछ भूल गये अपने।

21. हमे तो तुम्हारी कसम देकर, हजारो ने लूटा है।

22. ऐ-खुदा लोग बनाने थे पत्थर के अगर, तो मेरे एहसास को शीशे सा न बनाया होता।

23. खबर मरने की जन आये, तो यह न समझना हम दगाबाज थे, किस्मत ने गम इतने दिए, बस ज़रा से परेशान थे।

24. फायदा बहुत गिरी हुई चीज है, लोग उठाते ही रहते हैं।

25. दर्द ही सही मेरे इश्क का इनाम तो आया, खाली ही सही हाथों में जाम तो आया, मैं हूँ बेवफ़ा सबको बताया उसने, यूँ ही सही, उसके लबों पे मेरा नाम तो आया.

26. कुछ तो सोचा होगा कायनात ने तेरे-मेरे रिश्ते पर, वरना इतनी बड़ी दुनिया में तुझसे ही बात क्यों होती.

27. वो बिछड़ के हमसे ये दूरियां कर गई, न जाने क्यों ये मोहब्बत अधूरी कर गई, अब हमे तन्हाइयां चुभती है तो क्या हुआ, कम से कम उसकी सारी तमन्नाएं तो पूरी हो गई।

28. उसकी मोहब्बत का सिलसिला भी क्या अजीब था, अपना भी नही बनाया और किसी और का भी ना होने दिया।

29. हाथ पकड़ कर रोक लेते अगर, तुझ पर ज़रा भी जोर होता मेरा, ना रोते हम यूँ तेरे लिए अगर, हमारी जिंदगी में तेरे सिवा कोई ओर होता।

30. मेरा जूनून मेरी दीवानगी मेरी इन्तहा हो तुम, तुम्हे भला कैसे समझाए मेरे लिए क्या हो तुम।

31. ये इश्क मोहब्बत की, रिवायतें भी अजीब है, पाया नहीं है जिसको उसे खोना भी नहीं चाहते।

32. काश ये सिलसिला हो जाए, मैं मिट जाऊं या फासला घट जाए।

33. बात करने को तरसा हूं, आवाज़ सुनने को तरसोगी।

34. शिकायतों की पूरी किताब तुम्हें सुनानी है, फुर्सत में अगली जिंदगी सिर्फ मेरे लिए लेकर आना।

35. तड़प के देखो किसी की चाहत में, तो पता चले कि इंतजार क्या होता है, यूं ही मिल जाए अगर कोई बिना तड़पे, तो कैसे पता चले कि प्यार क्या होता है।

36. तू पास नहीं तो क्या हुआ, मोहब्बत तो हम तेरी दूरियों से भी करते है।

37. जिसके नसीब मे हों ज़माने की ठोकरें, उस बदनसीब से ना सहारों की बात कर।

38. हमने तुम्हें उस दिन से और भी ज़्यादा चाहा है, जबसे मालूम हुआ तुम हमारे होना नही चाहते।

39. न करवटे थी न बेचैनियाँ थी, क्या गजब की नीँद थी मोहब्बत से पहले।

40. न करवटे थी न बेचैनियाँ थी, क्या गजब की नीँद थी मोहब्बत से पहले।

41. टूटा दिल और धड़कन को एहसास ना हुआ, पास होकर भी वो दिल के पास न रहा, जब दूर थी तो,जान थी मेरी, आज जब हम क़रीब आये तो वो एहसास ना रहा।

42. कांच के दिल थे जिनके उनके दिल टूट गए, हमारा दिल था मोम का पिघलता ही चला गया।

43. भगवान ने कहा तेरी तड़प के मरहम के लिए तुझे क्या दूँ, मैंने कहा थोड़े से पल दे दो मेरे प्यार के साथ बिताने के लिए , दिल्लगी में तेरे यूँ दीवाने हो गए, की दीवानगी के सुरूर का पता ही नहीं चला, तुम तो एक ज़माने से शमां ही रही हो, पर हम कब परवाना बन गए पता ही नहीं चला।

44. बहुत अंदर तक बसा था वो शख़्स मेरे, उसे भूलने के लिए बड़ा वक़्त चाहिए। मेरे बिना क्या अपने आप को सँवार लोगे तुम, “इश्क़” हूँ कोई ज़ेवर नहीं जो उतार दोगे तुम।

45. मुद्दत के बाद आज उसे देख कर ‘मुनीर’, इक बार दिल तो धड़का मगर फिर सँभल गया।

46. छुप के तेरी तस्वीरें देखता हूँ, बेशक तू ख़ूबसूरत आज भी है, पर चेहरे पर वो मुस्कान नहीं, जो मैं लाया करता था।

47. बहुत देर कर दी तूने मेरी धडकनें महसूस करने में, वो दिल नीलाम हो गया, जिसपर कभी हकुमत तेरी थी।

48. दिल मासूम था मेरा तभी आज दिल से रो रहे हैं, थे वो मेरे पहले भी नहीं तभी वो चैन से सो रहे हैं, जब देखा आज मैंने किसी और के बाहों में उसको, तो क्यों लगने लगा मुझे कि फिर कुछ खो रहे हैं।

49. मेरी आँखों को सुर्ख़ देख कर कहते हैं लोग, लगता है..तेरा प्यार तुझे आज़माता बहुत है।

50. मत आने दो किसी को करीब इतना,कि उससे दूर जाने से इंसान खुद से रूठ जाये।

51. मेरी जगह कोई और हो तो चीख उठे, मैं अपने आप से इतने सवाल करता हूँ।

52. तुम्हारे बाद न तकमील हो सकी अपनी, तुम्हारे बाद अधूरे तमाम ख्वाब लगे।

53. मेरी हर आह को वाह मिली है यहाँ, कौन कहता है दर्द बिकता नहीं है।

54. रुठुंगा अगर तुजसे तो इस कदर रुठुंगा की, ये तेरीे आँखे मेरी एक झलक को तरसेंगी।

55. मेरी कोशिश कभी कामयाब ना हो सकी, न तुझे पाने की न तुझे भुलाने की।

56. मिजाज को बस तल्खियाँ ही रास आईं, हम ने कई बार मुस्कुरा कर देख लिया।

57. यकीन था कि तुम भूल जाओगे मुझको, खुशी है कि तुम उम्मीद पर खरे उतरे।

58. जिसे खुद से ही नहीं फुरसतें, जिसे खयाल अपने कमाल का, उसे क्या खबर मेरे शौक़ की, उसे क्या पता मेरे हाल का।

59. किसी को न पाने से जिंदगी खत्म नहीं होती, लेकिन किसी को पाकर खो देने से कुछ बाकी भी नहीं रहता।

60. सारी दुनिया के हैं वह मेरे सिवा, मैंने छोड़ दी दुनिया जिनके लिये।

61. बर्बाद कर गए वो ज़िंदगी प्यार के नाम से, बेवफाई ही मिली हमें सिर्फ वफ़ा के नाम से, ज़ख़्म ही ज़ख़्म दिए उस ने दवा के नाम से, आसमान रो पड़ा मेरी मोहब्बत के अंजाम से।

62. देखी है बेरुखी की आज हम ने इन्तेहाँ, हमपे नजर पड़ी तो वो महफ़िल से उठ गए।

63. मैं एक बेक़सूर वारदात की तरह जहाँ की तहाँ रही, तुम गवाहों के बयानो की तरह बदलते चले गए।

64. वफ़ा और मोहब्बतों के ज़माने गये जनाब, अब तो दिल को बहलाने का सामान है मोहब्बत।

65. ग़मों ने घेर लिया है मुझे तो क्या ग़म है, मैं मुस्कुरा के जियूँगा तेरी ख़ुशी के लिये, कभी कभी तू मुझे याद कर तो लेती है, सुकून इतना सा काफ़ी है ज़िन्दगी के लिये।

66. इशरत-ए-क़तरा है दरिया में फ़ना हो जाना, दर्द का हद से गुज़रना है दवा हो जाना।

67. आंखों से आँखे मिला गया कोई, दिल की कलियाँ खिला गया कोई, दिल की धड़कन यूँ बेताब न थी, मुझको दीवाना बना गया कोई।

68. नफरतें लाख मिलीं पर मोहब्बत न मिली, ज़िन्दगी बीत गयी मगर राहत न मिली, तेरी महफ़िल में हर एक को हँसता देखा, एक मैं था जिसे हँसने की इजाज़त न मिली.

69. चल मेरे हमनशीं अब कहीं और चल, इस चमन में अब अपना गुजारा नहीं, बात होती गुलों तक तो सह लेते हम, अब काँटों पे भी हक हमारा नहीं।

70. ये ना पूछ इश्क़ ने कैसी हालत कर दी है, बस यूं समझ बिन पानी कोई मछली है।

71. जब भी कोई हद से ज्यादा याद आता है, तब बच्चे की तरह रोने का मन करता है।

72. डूबी है मेरी उंगलियाँ मेरे ही खून में, ये काँच के टुकड़ो पर भरोसे की सज़ा है।

73. जो बात उसे कहनी ना थी, हाले दिल अपना सुना गया कोई, सूने मन के इस आंगन में आस मिलन की जगा गया कोई, रहता हूँ मैं कुछ खोया खोया सा जाने क्यूँ मुझको रुला गया कोई।

74. बिन धागे की सुई सी बन गयी है ये ज़िंदगी, सीलती कुछ नहीं बस चुभती चली जा रही है।

75. मत किया कर ऐ दिल किसी से मोहब्बत इतनी, जो लोग बात नही करते वो प्यार क्या करेगें.।

76. आज फिर किसी का गम अपना बनाने को जी करता है, किसी को दिल में बिठाने को जी करता है, आज दिल को क्या हुआ खुदा जाने, बुझती हुई शमा फिर जलाने को जी करता है।

77. तुम्हारी याद के साए मेरे दिल के अँधेरे में, बहुत तकलीफ देते हैं मुझे जीने नहीं देते, अकेली राह में हमराह कोई मिल तो जाता है, मगर कुछ दर्द हैं जो दिल बहलने नहीं देते।

78. दोनों जहान तेरी मोहब्बत में हार के, वो जा रहा है कोई शबे-ग़म गुजार के.।

79. अपनी तो मोहब्बत की यही कहानी है, टूटी हुई कश्ती ठहरा हुआ पानी है, एक फूल किताबोँ मेँ दम तोड़ चुका है, मगर याद नहीँ आता ये किसकी निशानी है।

80. ऐ दिल थोड़ा इंतजार कर, उसे भी पता चल जायेगा उसने क्या खोया है।

81. दर्द है दिल में पर इसका एहसास नहीं होता, रोता है दिल जब वो पास नहीं होता, बर्बाद हो गए हम उसके प्यार में, और वो कहते हैं इस तरह प्यार नहीं होता।

82. इश्क अधुरा हो तो ही बयाँ होता है, साहब, मुक्कमल मोहब्बत के शायर सुने नहीं मैंने।

83. मेरी मुस्कराहट को हकीकत ना समझ ऐ दोस्त, दिल में झांक कर देख कितने उदास हैं हम।

84. दिल अमीर था और मुकद्दर गरीब था, अच्छे थे हम मगर बुरा नसीब था, लाख कोशिश कर के भी कुछ ना कर सके हम, घर भी जलता रहा और समंदर भी करीब था।

85. हर वक्त मिलती रहती है, मुझे अनजानी सी सजा,मैं कैसे पुछु तकदीर से कि मेरा कसूर क्या है।

86. जब मैं डूबा तो समुन्दर को भी हैरत हुयी, अजीब शख्स है किसी को पुकारता भी नहीं।

87. एक उम्मीद मिली थी तुम्हारे आने से अब वो भी टूट गई, वफादारी की आदत थी हमें अब शायद वो भी छूट गई, क्या-क्या नहीं किया मैंने तेरी एक मुस्कान के लिए, फिर भी अकेला छोड़ दिया उस अनजान के लिए।

88. मैं फिर से निकलूंगा तलाश ए-जिन्दगी में, दुआ करना दोस्तो इस बार किसी से इश्क ना हो।

89. पल-पल तरसे हम जिस पल के लिए, वो पल भी आया जिंदगी में बस एक पल के लिए।

90. बिछड़ के तुम से ज़िंदगी सज़ा लगती है, यह साँस भी जैसे मुझ से ख़फ़ा लगती है।

91. तड़प उठता हूँ दर्द के मारे, ज़ख्मों को जब तेरे शहर की हवा लगती है, अगर उम्मीद-ए-वफ़ा करूँ तो किस से करूँ, मुझको तो मेरी ज़िंदगी भी बेवफ़ा लगती है।

92. बाज़ी-ए-मुहब्बत में हमारी बदकिमारी तो देखो, चारों इक्के थे हाथ में, और इक बेग़म से हार गये।

93. जिंदगी हमारी यूं सितम हो गई, खुशी ना जानें कहां दफन हो गई, लिखी खुदा ने मुहब्बत सबकी तकदीर में, हमारी बारी आई तो स्याही खत्म हो गई।

94. मैंने कभी किसी को आज़माया नही, जितना प्यार दिया उतना कभी पाया नही, किसी को हमारी भी कमी महसूस हो, शायद खूदा ने मुझे ऐसा बनाया नहीं।

95. मैं क्यों कुछ सोच कर दिल छोटा करू, वो उतनी ही कर सकी वफा जितनी उसकी औकात थी।

96. सादगी इतनी भी नहीं है अब बाकी मुझमें, कि तू वक़्त गुज़ारे और मैं मोहब्बत समझूं।????

97. मैं ठीक हूँ, तुम मेरे दर्द की फिक्र मत करना, मेरे जख्म भी भर जायेंगे, तुम दुनिया में इसका जिक्र मत करना।

98. औकात नहीं थी ज़माने में, जो मेरी कीमत लगा सके, कम्बख़्त इश्क में क्या गिरे, मुफ्त में नीलाम हो गये।

99. दिल???? में छुपे हो, दूर जाओगे कैसे, मैं कबर में छुप जाऊं, तो ढूंढ पाओगे कैसे।

100. सुकून की तलाश में निकले थे हम, तो दर्द बोला औकात भूल गए क्या।

101. लोग बाज़ार मे आके बिक भी गये, मेरी क़ीमत लगी की लगी रह गयी।

102. मेरी उदासी मुझसे रोज़ मिलने आती हैं, मुस्कुराकर हर बार उसे रूखसत कर देता हूँ।

103. वो बिछड़ के हमसे ये दूरियां कर गई, न जाने क्यों ये मोहब्बत अधूरी कर गई, अब हमे तन्हाइयां चुभती है तो क्या हुआ, कम से कम उसकी सारी तमन्नाएं तो पूरी हो गई।

104. वो जो कहते थे हम आपसे ही बात करते हैं, वो ना जाने अब कितनों से बात करते हैं।

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Shiva Ajith Yadav Founder of "eKhabari"