सिरमटोली फ्लाईओवर रैंप का स्थायी समाधान निकालने की नहीं हुई ठोस पहलः बाबूलाल
Ranchi: नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि सिरमटोली फ्लाइओवर रैंप निर्माण के खिलाफ झारखंड का आदिवासी समाज लंबे समय से चरणबद्ध आंदोलन कर रहा है. अब तक स्थायी समाधान निकालने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई है. सरना स्थल हमारी आस्था, संस्कृति और परंपरा की पहचान है, जिसे संरक्षित रखना हर […]

Ranchi: नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि सिरमटोली फ्लाइओवर रैंप निर्माण के खिलाफ झारखंड का आदिवासी समाज लंबे समय से चरणबद्ध आंदोलन कर रहा है. अब तक स्थायी समाधान निकालने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई है. सरना स्थल हमारी आस्था, संस्कृति और परंपरा की पहचान है, जिसे संरक्षित रखना हर आदिवासी का कर्तव्य है. बावजूद इसके राज्य सरकार ने आदिवासियों की आवाज़ को अनसुना कर दिया, जिससे समाज में गहरा आक्रोश है.
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अबुआ सरकार नहीं, बन चुकी है अहंकारी सरकार
आदिवासी होने के नाते मुख्यमंत्री से उम्मीद थी कि वे समाज की पीड़ा समझेंगे और आंदोलनकारियों से संवाद कर सरना स्थल की रक्षा सुनिश्चित करेंगे. लेकिन सरकार की निष्क्रियता साबित करती है कि वह आदिवासियों की मांगों को पूरा करने की इच्छुक नहीं है.
सरहुल पर्व के अवसर पर आदिवासी समाज द्वारा मुख्यमंत्री का विरोध स्पष्ट संदेश देता है कि यह सरकार अबुआ सरकार नहीं, बल्कि अहंकारी सरकार बन चुकी है, जो अपने ही लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का काम कर रही है.
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