न्यूजक्लिक के संपादक प्रबीर पुरकायस्थ को मिली जमानत, SC ने कहा-गिरफ्तारी का आधार गलत

NewDelhi :   न्यूज क्लिक के संपादक प्रबीर पुरकायस्थ को सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को जमानत दे दी है. साथ ही कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए गंभीर टिप्पणी की है. कोर्ट ने पूछा कि पुरकायस्थ की गिरफ्तारी के बाद उनके वकील को सूचना दिये बिना मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करने की जल्दबाजी क्यों की. […]

May 15, 2024 - 17:30
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न्यूजक्लिक के संपादक प्रबीर पुरकायस्थ को मिली जमानत, SC ने कहा-गिरफ्तारी का आधार गलत

NewDelhi :   न्यूज क्लिक के संपादक प्रबीर पुरकायस्थ को सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को जमानत दे दी है. साथ ही कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए गंभीर टिप्पणी की है. कोर्ट ने पूछा कि पुरकायस्थ की गिरफ्तारी के बाद उनके वकील को सूचना दिये बिना मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करने की जल्दबाजी क्यों की. उल्लेखनीय है कि पुलिस ने तीन अक्टूबर 2023 को यूएपीए की धाराओं के तहत प्रबीर पुरकायस्थ को गिरफ्तार किया था. उन पर राष्ट्र विरोधी समाचार प्रसारित प्रकाशित करने के लिए चीन से फंड लेने के गंभीर आरोप लगाये गये थे.

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस पर गंभीर टिप्पणी की. कहा- गिरफ्तारी का आधार नहीं था

सुप्रीम कोर्ट की संदीप मेहता की बेंच ने सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस पर गंभीर टिप्पणी की. कोर्ट ने कहा कि पुलिस के पास गिरफ्तारी का आधार नहीं था. इसलिए उन्हें जमानत मिलनी चाहिए. कोर्ट ने गिरफ्तारी के आधार को गलत माना है. प्रबीर मीडिया संस्थान न्यूजक्लिक के संस्थापक व प्रधान संपादक हैं. गिरफ्तारी के वक्त दिल्ली पुलिस ने कहा था कि उन पर देश की एकता और अखंडता को खत्म करने और देश के खिलाफ लोगों में असंतोष पैदा करने के लिए चीन से फंड लेने का आरोप है. पुलिस ने प्रबीर के साथ न्यूजक्लिक के एचआर अमित चक्रवर्ती को भी गिरफ्तार किया था. जो बाद में सरकारी गवाह बन गये. जिसके बाद अदालत ने उन्हें रिहा कर दिया था.

लिखो झूठ, बनाओ कहानियां, सच को दबा नहीं पाओंगे – अभिसार शर्मा 

कोर्ट के आदेश के बाद न्यूजक्लिक के पत्रकार अभिसार शर्मा ने कहा है कि जिस फंडिंग को आरबीआई ने जायज ठहराया था, उस पर ईडी ने छापेमारी की. ईडी ने आज तक चार्जशीट दाखिला नहीं किया. जब तक न्यूयॉर्क टाइम्स का आधा अधूरा लेख नहीं आया था, तब तक हमारे संपादक को गिरफ्तार कर लिया गया था और उनके खिलाफ खौफनाक यूएपीए की धाराएं लगायी गयी थी. यह पूरा मामला फर्जी है. सिर्फ इसलिए क्योंकि न्यूजक्लिक किसानों, वंचितों और शाहीनबाग की आवाज बना. चार्जशीट पढ़कर लगता है कि मनोहर कहानियां पढ़ने वाले व्यक्ति ने लिखा है. लिखो झूठ और बनाओ कहानियां. सच को दबा नहीं पाओंगे. सत्यमेव जयते. एक बार नहीं. हजार बार.

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