पल्ली दिवस आठ दिसंबर को, संत मरिया महागिरजाघर चर्च में नोविना शुरू
Ranchi : पुरुलिया रोड स्थित संत मरिया महागिरजा घर चर्च में बुधवार को माता मरियम की याद में नोविना विनती की गयी. इसकी अगुवाई कैथोलिक महिला संघ की अध्यक्ष अंसिस्का खलखो,मेरी हिल्डा तिर्की औऱ मधु कच्छप ने की. कार्यक्रम की शुरूआत रोजरी माला से हुई. इसके बाद बाइबल वचन और पवित्र संस्कार का आयोजन […]
Ranchi : पुरुलिया रोड स्थित संत मरिया महागिरजा घर चर्च में बुधवार को माता मरियम की याद में नोविना विनती की गयी. इसकी अगुवाई कैथोलिक महिला संघ की अध्यक्ष अंसिस्का खलखो,मेरी हिल्डा तिर्की औऱ मधु कच्छप ने की. कार्यक्रम की शुरूआत रोजरी माला से हुई. इसके बाद बाइबल वचन और पवित्र संस्कार का आयोजन किया गया. संत अल्बर्ट कॉलेज के फादर गुलशन मिंज ने संदेश देते हुए कहा कि माता मरियम का जीवन शुरू से दुखों से भरा हुआ था. जीवन के अंतिम क्षण तक दुख से संघर्ष करती रही. कहा कि मनुष्य का जीवन फूलों की सेज नहीं, कांटो की सेज है. उस दुख को मनुष्य तभी सहन कर सकता है, जब मनुष्य आध्यात्मिक रूप से दुख को सहन करने की क्षमता विकसित करता है. जब मनुष्य दुख को सहता है. तभी मनुष्य दूसरों के दुख को समझ सकता है. जब मनुष्य अपने जीवन का दुख को अनुभव करता है. तभी मनुष्य दूसरे व्यक्ति को समझ सकता है. यह लोगों में मानवीय गुण विकसित करता है.
दुखों से संघर्ष करती रही माता मरियम
माता मरियम प्रभु यीशु ख्रीस्त के दुख में शामिल हुई. प्रभु के साथ चली. शुरू से ही माता गर्भ से लेकर धरती के गर्भ तक प्रभु यीशु के साथ में रही. दुख में सहभागिता दिखाई. पहले दुख की चिंता की. बुजुर्ग व्यक्ति सिमोयोन यीशु ने ख्रीस्त की भविष्यवाणी की. मरियम से कहा कि आप के जीवन में दुख आयेगा. दूसरा दुख प्रभु यीशु के जन्म के बाद राजा हिरोद षडयंत्र रचता है. माता मरियम और योसेफ बालक यीशु को लेकर मिस्र देश पलायन करता है. तीसरा दुख प्रभु यीशु का मंदिर में खो जाना है. माता मरियम औऱ जोसेफ अपने बच्चे के लिए परेशान हुए.उन्हें दुख झेलना पड़ा. चौथा दुख कलवारी की राह में माता मरियम की भेट यीशु से होती है.
एक मां अपने बेटे को क्रूस ढोते हुए देखती है
एक मां अपने बेटे को क्रूस ढोते हुए देखती है. पांचवां दुख माता मरियम क्रूस के नीचे खड़ी हुई होती है. औऱ उस क्रूस पर मनन चिंतन करती है. छठवां दुख प्रभु यीशु के शरीर को माता मरियम के शरीर में ऱख देता है. सातवा दुख य़ीशु का मृत शरीर को दफन किया जाता है. ये सात दुख माता मरियम के समक्ष होते हैं. यह प्रभु यीश ख्रीस्त के प्रति प्रेम के कारण है.संत बरनड कहते हैं.यीशु की मां माता मरियम अपनी करूणा से पुत्र के दुख में शामिल हो गयी.
संत मरिया महागिरजा घर चर्च में आठ को पल्ली दिवस
संत मरिया महागिरजाघर चर्च में आठ दिसंबर को पल्ली दिवस मनाया जायेगा. इस दिन माता मरियम को याद किया जायेगा. इसके लिए पल्ली में तैयारी शुरू कर दी गयी है. इस अवसर खेल प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया जायेगा. चर्च परिसर मे यीशु ख्रीस्त के आगमन को लेकर चरणी बनायी जा रही है.
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